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Sumit. Malhotra

Abstract Romance

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Sumit. Malhotra

Abstract Romance

तेरा नशा।

तेरा नशा।

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मम्मी-पापा जी ने समझाया,

हर तरह के नशे से दूर रहना।


उनका हुक्म सर-आंखों पर ना,

आज तक कोई नशा ना किया।


उनके हुक्म का पालन करने में,

किस्मत ने भी खूब साथ दिया।


जब-जब प्यार जीवन में आया,

किस्मत ने हमेशा ही उसे भगाया।


अब तुमसे भी प्यार हुआ है हमको,

तेरे प्यार का एहसास और तेरा नशा।


सनम सिर पर कुछ इस तरह से चढ़ा है,

है तो ये भी तो एक एक प्रकार का नशा।



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