STORYMIRROR

Archana Tiwary

Romance

4  

Archana Tiwary

Romance

तेरा अहसास

तेरा अहसास

1 min
223


तब भी बिखेर कर मेरे चेहरे पर सुबह वाली हंसी     

गुम हो जाते हो ऐसे जैसे सपने टूटे हो अभी अभी   

फिर फ़ैल जाती है खामोशी इंतजार तेरा    

एक अलग सा अहसास ,डर नहीं कि कोई छीनेगा तुझे मुझसे   

मेरे अहसास को कौन छीन सकता है

पलछिन सपनों की गठरी बनती जाती है      

खुलेगी गठरी जिस दिन बिखरेंगे कई किस्से    

पिरो कर फिर फिर बनेगी एक नई गाथा   

सिल सिल कर उनको बनाऊंगी एक नई सुन्दर चीर ढँक लूंगी खुद को    

शरमायेगी फिर वह एहसास निहार खुद को खुद में।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance