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Shubham Rawat

Abstract Romance

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Shubham Rawat

Abstract Romance

तड़पेगा

तड़पेगा

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कभी किसी का हाथ थाम लिया

कभी किसी का हाथ छोड़ दिया

ये कैसी मोहब्बत करते हो तुम

हर दूसरे शक्ल पे दिल हार दिया


वो दिन भी आएगा

जिस दिन तेरे संग

कोई दूसरा खेल के चला जायेगा

तू रोयेगा इतना

तुझे तब दूसरों का दर्द समझ आएगा 


तेरे जैसों ने मोहब्बत

बदनाम करी है दुनिया में 

याद रखना तू 'शुभम'

मरते वक्त बड़ा तड़पेगा 


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