स्वर्ग का एहसास
स्वर्ग का एहसास
स्वर्ग का एहसास
तुम्हारी आंखों से निकला हर तीर,
मेरे दिल को कर गया बेकरार।
तुम ही हो मेरे दिलदार,
तुम ही हो मेरा भावी संसार।
पल-पल मचलती तुम्हारी आंखें,
मेरे दिल में इश्क की आहट जगाती।
चोरी-चोरी तुम्हारी अनजान हरकतें,
क्यूँ करतीं हमेशा परेशान दिल को मेरे।
ये कैसी कशमकश हैं हमारे बीच,
तुम जान से भी प्यारी लगती हो।
तुम्हारी अदाएं दिल को छू जाएं,
हर पल जवानी का एहसास दिलाएं।
आंख-मिचोली ने ढाया कहर,
प्यारा खेल बना दिल का नगर।
अजब-गजब की तेरी अदाओं से हारा,
स्वर्ग का एहसास दिल में उतरा इसी धरापर ।
