स्त्री का महान योगदान
स्त्री का महान योगदान
स्त्री का महान योगदान
मानव पीढ़ी बढ़ाने का करती स्त्री कार्य महान,
पुरुष से भी बड़ा उसका इसमें है योगदान।
जननी बनने में उसके संघर्ष से होती पहचान,
तो क्यों न मिले उसे हर क्षेत्र में अधिकार समान।
मानव सृष्टि बचाने में स्त्री दिखाती साहस सदा अपार,
जानती है मातृत्व पीड़ा में हो सकता है मरण भी बार-बार।
फिर भी निभाती त्याग और धैर्य की अद्भुत मिसाल,
उसकी सफलता की ललक होती है असामान्य और विशाल।
कुदरत की देन का वह खुशी से करती पालन,
यदि न करे संरक्षण तो टूटेगा सृष्टि का नियम।
मानव धरोहर हो जाएगी पृथ्वी पर शून्य,
स्त्री के बिना अधूरा है जीवन का प्रत्येक क्षण।
जब उसका योगदान है सृष्टि में अनमोल,
तो क्यों न मिले उसे सम्मान का समुचित मोल।
शिक्षा, संपत्ति, प्रतिष्ठा मिले उसे भी पुरुष समान,
क्योंकि स्त्री है मानव जाति की आन-बान-शान।
