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Arun Gode

Romance

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Arun Gode

Romance

मेरा दिवानापण

मेरा दिवानापण

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                       मेरा दिवानापण

तेरे रूप और अदाओं का मैं बना दीवाना, 

तेरी नज़रों का यूँ ही देखना बना बहाना। 

इन कातिल शराबी आँखों ने किया मुझे घायल, 

वरना हम भी थे जिंदा दिलवाले प्रेमी पागल। 


तुझे शेरनी समझकर यूँ ही घायल कर देते, 

तेरे दिल में अपनी तस्वीर यूँ ही बना देते। 

लाख चाहने पर तुम उसे मिटा नहीं सकते, 

मुझे दिल देने के सिवा कुछ नहीं कर सकते। 


मेरे इश्क़ में तुम्हें, मैं प्रेमी पागल बना देता, 

तेरा-मेरा पिछले जन्म का रिश्ता याद दिलाता। 

अफ़सोस होता, काश तुम्हें पुराना रिश्ता याद आता, 

मुझे पाने में तुम्हारा समय यूँ ही जाया नहीं होता। 


समय कभी किसी का इंतजार नहीं करता,

अभी भी समय हैं, इश्क का परचम लहराने का।

हम तो तुम्हारे कब के हो चुके मेरे सनम,

इंतजार छोड़ो ,अभी देर नहीं हूँआ मेरे सनम।


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