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Arun Gode

Romance

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Arun Gode

Romance

तुम्हारा इंतजार

तुम्हारा इंतजार

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                      तुम्हारा इंतजार

तुम्हारे इंतजार मैँ कब से खड़ा हूँ,

प्यार की चादर राह में बिछाकर लेटा हूँ।

तुम्हारे मधूर पायल की झंकार का आशिक हूँ,

मैँ सब कुछ तुम पर लुटाने को आमादा हूँ।


मेरे इंतजार की घड़ी कब खत्म होगी,

तुम्हारी घड़ी की रफतार कब तेज होगी।

समय किसी के लिए कभी रुकता नहीँ,

दिल टूटने से पहिले इषारों से भर दो तुम हामी।  

 

तुम्हें दिल के मन मंदिर में सजा के रखूँगा,

अपने दिलही -दिल में प्यार तुम्हें करता रहूँगां।

तेरा इनकार को मेरे तपस्या की कमी समझूँगां,

लेकिन तपस्या में क्या कमी रही हैं बताना होगा।  


तेरे हाँ या ना में मेरे जीवन की साँसे अटकी पड़ी,

मुझे जिंदा लाश बनाने में तेरी शायद होगी मनमर्जी।  

लेकिन मेरा प्यार यकीन मानों तुम नहीं है फर्जी,

अगर इश्क चादर फटी -कटी तो सिलाएं का ये दर्जी।


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