STORYMIRROR

Abasaheb Mhaske

Tragedy Action

4  

Abasaheb Mhaske

Tragedy Action

सूत्रों के हवाले से ...

सूत्रों के हवाले से ...

1 min
491

समझ में नहीं आता ? क्या नहीं होता 

बहुत कुछ बताया जाता हैं यूँ ही बेशर्मी से

अभी अभी खबर मिली सूत्रों के हवाले से

कौन हैं ये सूत्र ? कहा छिपा बैठा हैं ?


सब से बड़ी खबर बताता टीवी पर

हर वक्त चाटुकारिता झूठ फैलाकर 

सत्ता की गुलामी करता रहता है

कौन हैं ये सूत्र ? कहाँ छिपा बैठा है?


कुछ भी बोलो, सूत्रों से मिली खबर बोल के

बगैर सर पैर की खबर जी भर के चलाओ

हिन्दू - मुस्लिम , झूठ, फरेब बेशक भले ही हो

कॉन्फिडेंस से दिन रात चलाओ सूत्रों के हवाले से


अरे भाई थोड़ी सी शर्म बाकी हो तो सच बोलो

देश के प्रति पेशे के नाम पर गंदगी न फैलाओ

बहुत हो चुका यार बस भी करो, सुधर जाओ

सच लिखो, सही दिखाओ अगर जमीर जिन्दा हो तो



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy