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Bhoop Singh Bharti

Tragedy


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Bhoop Singh Bharti

Tragedy


कोरोना

कोरोना

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हाबू आया हाबू आया, सुणलो लोगों कान लगाय।

त्राहि त्राहि सब जग होरी, पाया कोनी कोई उपाय।।


चीन देश तै चलकै आया, कोरोना है उसका नाम।

माड़ा सा निर्जीव वायरस, छूणे तै करै काम तमाम।

हाथ जोड़ कै करो नमस्ते, आपस म्ह ना हाथ मिलाय।


छुपकै वार करै बेदर्दी, इसका वार ना खाली जाय।

मोदी है तो सब मुमकिन है, लोगों तुम घबराओ नाय।

तुलसी सोंठ लोंग गिलोय का गाढ़ा सभको दो पिलाय।


टन टन टन घण्टी बाजी, सभको फोन दिया लगाय।

भारत देस के पीएम नै, ये सीएम सारे लिए बुलाय।

पहला वार करा मोदी नै, जंता कर्फ्यू दिया लगाय।


दांये बांये मंत्री संतरी, बीच म्ह बैठ गया सरदार।

अपणी अपणी बात कहै सब, करै नहीं कोई तकरार।

सारे एक स्वर म्ह बोल्ये, करणी इब जंता की सहाय।


यूपी तै योगी नै आकै, सभा बीच सुणाया हाल।

हरयाणे सै लाल मनोहर, दिल्ली तै आये केजरीवाल।

किस तरिया तै पार पड़ै, हमनै दो कोई समझाय।


डोंडी पिटवा दो राज्यों म्ह, करदो सभको खबरदार।

सील करो सब राज्यों को, पहरे पर हो पहरेदार।

सबका करणे धन्यवाद जी ताली थाली दी बजवाय।


लॉक डॉउन लगा देस म्ह, जाकर के सभको कहना।

बिना वजह ना आणा जाणा, घर में अपणे ही रहणा।

अपणा मकान किला महान, ये सभको दो समझाय।


हाथ मिलाना छोड़ो लोगों, करो नमस्ते जोडकै हाथ।

मास्क लगा घर तै निकलो, जै कोरोना को देणी मात।

खुद का करना खयाल हमें, करनी अपनी आप सहाय।


डॉक्टर नर्स लगे है सारे, देखो बणकै खुद भगवान।

स्वीपर साफ सफाई करकै, आगै अड़े जणु चट्टान।

पैंड पैंड पै खड़े पुलसिये, देखो सभको रहे समझाय।


फंसे लॉक डॉउन म्ह देखो, मजदूर हमारे दिहाड़ीदार।

ठाके झोला झंडी अपणी, घर जाने को हुए तैयार।

सरकारों नै करी व्यवस्था, सभ मजदूर दिए ठहराय।


घर तै दूर फंसे जो अपने, उनकी चिंता रही है खाय।

बस पै बस लगा कै देखो, बालक सारे लिए बुलाय।

दूर देश म्ह फंसे लाडले, उनको भी अब लो मंगवाय।


मजदूरों को भी घर भेजो, घर की चिंता रही सताय।

सृष्टि के निर्माता है ये, समझो इन्हें भिखारी नाय।

भीड़ पड़ी में मायूसी छाई, मुखड़ा रहा देख कुमलाय।


रेवाड़ी महेंद्रगढ़ के, बड़े गजब के है सरदार।

गाँव गली म्ह खूब बिठाए, चौकस ठीकरी पहरेदार।

कहे भारती लॉक डॉउन म्ह, घर बैठो सब अपणे जाय।


लॉक डाउन लगा देस म्ह, रोकने कोरोना आघात।

पुलिस डॉक्टर सफाई कर्मी, हुए सब ड्यूटी पर तैनात।

दो गज दूरी बड़ी जरूरी ये लोगों को दी समझाय।


कोरोना पै काबू पाकै, जीत का डंका दिया बजाय।

आवागमन शुरू हुया, सब मन म्ह फूले नहीं समाय।

बाजारों म्ह रौनक बढ़गी, बेखटके सब आवै जाय।


हुई सामान्य ये जिंदगी तो, छोड़ दई सब एहतियात।

शादी समारोह करने लगे, हम कट्ठे हुए बात बेबात।

लापरवाही घणी हुई है, भाई भारती रहा बताय।


कोरोना का टीक्का आया, सुणकै छाई खुशी अपार।

लगवालो यो टीक्का लोगों, जो हो पैंतालीस के पार।

अठारा साल के ऊपर भी, टीक्का करण रहे करवाय।


चोखा मेला लगा कुंभ का, परबी लेणे गए नरनार।

भारी भीड़ जुड़ी गंगा पै, हुई गंगे की जय जयकार।

कोरोना का खोफ नहीं सब, धर्म की डुबकी रहे लगाय।


चुनाव आयोग नै कर दिया, चुनाव कराने का एलान।

खूब करी रैल्ली पै रैल्ली, जीतण खातर लगा दी जान।

चुनावों के पाच्छै पी एम नै, लॉक डाउन दिया लगाय।


विकराल रूप धरा करोना, करणे लाग्या सत्यानाश।

हाल हुया बेहाल इसा रै, गंगा म्ह तिरती पाई लाश।

बेईमान इस आपदा नै, देखो अवसर रहे बणाय।


दवा ऑक्सीजन की कमी, देश में माच्या हाहाकार।

अपने परायों को छीनकर, दर्द दिया हमें बेशुमार।

कोरोना के नंगे नाच नै, मोदी जी को दिया रुलाय।


दो गज दूरी रखना जरूरी, अगर बचाणे सभके प्राण।

आओ जाओ मास्क लगाओ, टीकाकरण करे कल्याण।

कोरोना से बचाव की बातें, 'भारती' मन में लेओ बसाय।


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