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Rashi Singh

Romance

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Rashi Singh

Romance

सुनहरा सपना

सुनहरा सपना

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चलो सितारों की दुनियाँ में चलते हैं,

मिलकर गले फूलों की तरह खिलते हैं,

तुम जगमगाते रहना चाँद बन वहाँ 

 हम चाँदनी बन ,इस धरा पर बिखरते हैं,

आते नहीं रोज तन्हाई के यह आलम,

चलो तन्हाई को भी मिलकर हँसाते हैं,

सूना -सूना सा है मन का यह आसमान,

लो एहसासों की दवात आओ रंग भरते हैं,

बीत जाये न घड़ी मिलन की शिकवों में,

आओ कुछ पल एक -दूजे की आँखों में बिचरते हैं 


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