STORYMIRROR

Babu Dhakar

Classics Inspirational

3  

Babu Dhakar

Classics Inspirational

सत्य और असत्य

सत्य और असत्य

1 min
263

यह सत्य है कि सत्य तो कुछ और है,

वह झूठ है पर सत्य खामोश है,

कौन खोले यहॉ दिल की खिड़की

एक के लिए ही बाहर हंसी संसार में बहुत है।


सत्य सहज स्पष्ट सरल सरस

अक्षत चलत सशक्त पथ पर

असत्य असहज अस्पष्ट गरल चरस

क्षतर चलत अशक्त पथ पर।


दिल मिलत कठिन

दिन दूर्दिन कटत कठिन

हीन भावित मानस पतित

रहम रहित मन रहत पथ विहीन।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics