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Nandini Bodas

Tragedy

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Nandini Bodas

Tragedy

स्त्री का मन

स्त्री का मन

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कुछ किया तुमने,  

हां, मन का किया

क्यों, किसने कहा,

मन ने कहा

नहीं, गलत हो तुम

लेकिन मैंने ऐसा कुछ गलत नही किया

फ़िर भी गलती तुम्हारी ही है,

ठीक है, 

मौन........ (पसरा हुआ)


बोलती क्यों नहीं, 

क्या बोलूं,

जो मन में हो

मन का नही कर सकती लेकिन,

तुम्हें बोलना होगा, हँसना होगा

चुप नही रह सकती तुम

बोलो.....बोलो......।


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