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chandraprabha kumar

Fantasy

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chandraprabha kumar

Fantasy

सपनों से नाता

सपनों से नाता

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अब हम तो तुमसे प्रीत करेंगे 

तुम हमको करो ना करो,

हम तो तुमको याद करेंगे

तुम हमको करो ना करो। 


हम तो सपने बुनते रहेंगे

तुम हँसते रहो तो रहो,

हम तो तुमसे प्रीत करेंगे

तुम हमसे करो ना करो। 


मेरी कविता बोल तुम्हारे

आंखें में हैं उजियारे,

हँसते गाते चल देंगे हम

तुम बैठे रहो तो रहो ।

हम तो तुमसे प्रीत करेंगे 

तुम हमको करो ना करो।


सपनों से नाता जोड़ा है

दुनिया से नाता तोड़ा,

मेरी दुनिया सपनीली

सपनीली रंग रंगीली।


मेरे सतरंगे रंगों में

इन्द्रधनुष की आभा है,

सूरज की झिलमिल किरणों से

आंखों के आंसू में जो चमका है। 


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