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Pankaj Kumar

Romance

3  

Pankaj Kumar

Romance

सोलमेट

सोलमेट

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202

तेरे आने से पहले कुछ नहीं था 

तेरे जाने के बाद क्या होगा 

दिल में प्यार भर दिया तुमने 

आम को भी खास कर दिया तुमने 


तुम्हे देखते ही दिल ने आवाज़ दी 

शायद मिल गयी है चाभी अनसुलझे राज की 

तुमसे मिल कर लगा कुछ पहले का रिश्ता नाता है

वर्ना कुआ कहां चल के प्यासे के पास जाता है 


शायद वो खुदा की बनायी राह थी 

जो हम दोनों के दिलों में मिलने की चाह थी 

देखते ही तुमको दिल में फितूर हो गया 

जिसे कब से टालते थे वो काम अब ज़रूर हो गया 


तेरे बिन जो ज़िन्दगी अधूरी थी 

तेरे मिलने से हो गयी पूरी थी 

अब तो हर जन्म में तुम्हारे साथ हो 

तुम ही हो मेरे दिल की परी

जीवन संगिनी ,मेरी सोलमेट

मेरे नाम के साथ तुम्हारी ही बात हो 

मेरे नाम के साथ तुम्हारी ही बात हो।


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