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Pankaj Kumar

Abstract

3  

Pankaj Kumar

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हालात

हालात

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हालात एक से ही होंगे सबके 

कोई रोता है,

कोई हंसाता है 


हालात एक से ही होंगे सबके 

कोई चुप रहता है, 

कोई बातें बनाता है 


हालात एक से ही होंगे सबके 

कोई दूर कर देता है, 

तो कोई नजदीकियां बढ़ाता है


हालात एक से ही होंगे सबके 

कोई मंज़िल बदल लेता है,

कोई रास्ता बनाता है


हालात एक से ही होंगे सबके 

कोई सच बोलता है,

कोई झूठा हो जाता है


हालात एक से ही होंगे सबके 

कोई छीनता है,

तो कोई खुद को लुटाता है


हालात एक से ही होंगे सबके 

कोई मीठा बोलता है,

कोई कड़वा हो जाता है


हालात एक से ही होंगे सबके 

कोई छुप जाता है,

तो कोई सामने आता है 


हालात एक से ही होंगे सबके 

जज़्बात एक से ही होंगे सबके

फिर क्यों कोई बदल जाता है

तो कोई बदलाव लाता है....... 


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