संसार से कोई कुछ लेकर नहीं जाए
संसार से कोई कुछ लेकर नहीं जाए
किसी भूखे इंसान या जानवर को देखकर
उसके सामने दरवाजा बंद करने वाले,
बीमारियों में पकवान रखे रह जाएंगे
और तेरे मुंह में एक निवाला भी नहीं जाएगा,
याद रखना इस संसार से कोई कुछ लेकर नहीं जाएगा।
अपने सोने चांदी को दिखा कर घमंड करने वाले,
मरते समय तेरे मुंह में सोने का एक टुकड़ा ही चला जाए,
पर याद रखना यह टुकड़ा भी तू ले कि नहीं जाएगा।
जमीन जायदाद पर इतराने वाले,
यह सारा जमीन जायदाद यही धरा रह जाएगा,
इसमें से कोई कुछ लेकर नहीं जाएगा,
याद रखना खाली हाथ आया था खाली हाथ ही जाएगा।
अपनी सुंदरता और शरीर के सामर्थ्य पर अहंकार करने वाले,
बीमारी और बुढ़ापा तेरा सब कुछ छीन कर ले जाएगा,
यह बीमारी और सामर्थ्य का घमंड तेरे किसी काम नहीं आएगा,
याद रखना इस संसार से कोई कुछ लेकर नहीं जाएगा।
किसी घर आए मेहमान को देख कर मुंह फुलाने वाले,
तेरे सुख और दुख में कोई खड़ा नहीं हो पाएगा,
जब लोगों की तुझे आवश्यकता होगी चार कंधों के लिए भी तू तरस जाएगा,
याद रखना इस संसार से कोई कुछ लेकर नहीं जाएगा।
दूसरे का अधिकार छीन कर खाने वाले,
जब तक तेरे पास सामर्थ्य और पैसा है तो दूसरे का खींचकर खाएगा
पर जिस दिन यह दोनों ही खत्म हो जाएगा,
तुझे कोई बचा नहीं पाएगा,
दूसरे का अधिकार खाने वाले तू मिट्टी में मिल जाएगा,
इस संसार से ना कोई कुछ लेकर गया ना तू लेकर जा पाएगा|
सफाई का लोगों को इतना घमंड सताता
सफाई करते करते सारे रिश्ते ही साफ कर डालते
पर सफाई का घमंड फिर भी ना जाता क्योंकि
मन की सफाई तो यह कर ही ना पाता
सफाई का घमंड करने वाले इंसान जो
दूसरों को अपने बराबर समझ नहीं पाएगा
याद रखना तेरे घर कोई नहीं आएगा जिस दिन
तू इस दुनिया से जाएगा सब यही धरा रह जाएगा।
लेकर कोई कुछ ऊपर नहीं जाता
फिर क्यू इंसान किसी भूखे को खाना नहीं दे पाता
फिर क्यों इंसान दूसरे की संपत्ति पर अधिकार जताता
फिर क्यों इंसान सफाई करते-करते रिश्ते ही साफ कर जाता
फिर क्यों इंसान पैसो का घमंड दिखाता
फिर क्या इंसान सोना चांदी पहनकर इतराता
जब उसे मालूम है कि कोई इस संसार से कुछ लेकर नहीं जाता
तब क्यों नहीं वह मानवता का धर्म निभाता )
