समुद्र की लहरें
समुद्र की लहरें
शाम का सुंदर नज़ारा मैं देख रहा हूँ,
तूफानी पवन का शोर मैं सुन रहा हूँ,
समुद्र की लहरें का स्वरूप देखकर मैं,
दूर खड़ी मेरी सनम को पुकार रहा हूँ।
सनम और लहरों की मस्ती देखता हूँ,
देखकर उसको मैं आनंदित हो रहा हूंँ,
उछलती हुई समुद्र की लहरें देखकर मैं,
लहरों में सनम खो न जाये सोच रहा हूंँ।
मन से मैं अति व्याकुल भी बन रहा हूँ,
प्यार से सनम को मैं पुकार कर रहा हूँ,
समुद्र की लहरों का तूफान देखकर मैं,
सनम को संभलकर आना कह रहा हूँ।
सनम को किनारे पे आती देख रहा हूँ,
सामने मैं दौड़कर अति बेताब हो रहा हूँ,
समुद्र की लहरें से तरबतर "मुरली" को,
प्यार से मैं अपनी बांहों में सिमटा रहा हूंँ।

