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sargam Bhatt

Abstract Romance Classics

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sargam Bhatt

Abstract Romance Classics

समझदारी

समझदारी

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तेरे मेरे रिश्ते में कितना प्यार है,

समझदारी ही जीवन का सार है।


रहेंगे हम यूं ही साथ हमेशा,

यही तो जीवन का विस्तार है।


तुम हमेशा मेरे ही बनकर रहना,

मेरा दिल तो तुझ पर निसार है।


हम दोनों एक दूसरे को समझते हैं,

यही तो हमारा सच्चा प्यार है।


बसा लो तुम मुझे अपने दिल में,

तेरा दिल ही तो मेरा संसार है।


तेरे मेरे रिश्ते में कितना प्यार है,

समझदारी ही जीवन का सार है।


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