भाई - बहन का रिश्ता
भाई - बहन का रिश्ता
भइया ये बतलाओ मुझको
कब तक साथ निभाओगे
क्या रिश्ता होगा मजबूत
जब तुम बड़े हो जाओगे?
दूर चली जाऊंगी एक दिन
छोड़ के सारे नातों को
क्या तुम याद दिलाओगे
बचपन के सारे वादों को ?
तुम मुझको न छोड़ोगे
जो हो कोई विपदा मुझपर
मेरा साथ निभाओगे
कोई जो उठे उंगली मुझपर
बहना ऐसी बात न कर
मैं बन के रहूं तेरा साया
जीवनपथ में जब धूप मिले
दूं तुझको स्नेह की मैं छाया
तू दूर भला होगी कैसे ?
ना दूर हमारा मन होगा
सब सपने मेरे सच होंगे
जब तेरा सुखी जीवन होगा
ये वादा है मेरा तुझसे
ना साथ कभी मैं छोडूंगा
मैं तेरा साथ निभाने को
जग से भी नाता तोडूंगा
विश्वास तू कर मुझपे बहना
एक सच्ची बात बताऊं मैं
करने पूरी ख्वाहिश तेरी
तेरा पिता बन जाऊं मैं
भइया रिश्ता हम दोनों का
कर्त्तव्य का है, अधिकार का है
विश्वास रहे हरदम कायम
जो रिश्ते के आधार का है।
