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Swapna Sadhankar

Romance Tragedy

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Swapna Sadhankar

Romance Tragedy

सज़ा

सज़ा

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सज़ा-ए-मौत का

ऐलान होता हैं

प्यार करने का

यहीं अंजाम होता हैं


फिर भी हम तुम

प्यार करते हैं

क्यों दिल का यहीं 

दस्तूर होता हैं


दिल ले के मुस्कुराते हो

वाह ! क्याँ अदा हैं

दिल दे के दूर चले हो

ये कैसी सज़ा हैं।


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