STORYMIRROR

Dinesh Dubey

Romance

4  

Dinesh Dubey

Romance

सिर्फ तुम्हारे लिए

सिर्फ तुम्हारे लिए

1 min
355

मैं जी रहा हूं सनम,

सिर्फ तुम्हारे लिए,

में खा रहा हूं ठोकरें,

सिर्फ तुम्हारे लिए।


अब तक हूं अकेला,

सिर्फ तुम्हारे लिए,

देखता नहीं किसी और को,

सिर्फ तुम्हारे लिए।


आखिर कब तक तड़पुंगा,

सिर्फ तुम्हारे लिए,

अब रहा ना जाए मुझसे,

सिर्फ तुम्हारे लिए।


यूँ ही मर जाऊंगा सनम,

सिर्फ तुम्हारे लिए,

बहुत सह लिए सितम,

सिर्फ तुम्हारे लिए।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance