सीता की अग्निपरीक्षा कब तक
सीता की अग्निपरीक्षा कब तक
सीता की अग्निपरीक्षा कब तक
अंतर्मन में होने वाले अहसास
काश सभी समझ पाते,
ख्वाहिशों के भविष्य का आभास
काश सभी समाझ पाते,
तमाम उम्र जिसने गुजार दी उम्मीदों में,
उन उम्मीदों के साकार होने के लिए
दूसरों की बातों को भूलकर,
खुद की हृदय की नाद सुनकर
कर सकते थे एक बार,
अपनत्व के साथ उम्मीदों को साकार लेकिन,
अंतिम क्षणों में नहीं कर पाए खुद पर विश्वास
और अंततः देनी पड़ी सीता को अग्निपरीक्षा !
