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Amit Bhatore

Inspirational

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Amit Bhatore

Inspirational

तुम नारी ही हो ना...

तुम नारी ही हो ना...

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जीवन में ताने बाने,

परिवार के इर्द गिर्द

बुनती जाती हो

तुम नारी ही हो ना...

अनसुलझी पहेलियां,

आत्मविश्वास से

हमेशा सुलझाती हो

तुम नारी ही हो ना...

तमाम मुश्किलों में,

तनावमुक्त होकर

हमेशा मुस्कुराती हो

तुम नारी ही हो ना...

सबकी परवाह कर,

रूठने पर भी

स्नेह जताती हो

तुम नारी ही हो ना...

मां, बहन, बेटी, बहू,

अपनाकर रस्में

रिश्ते निभाती हो

तुम नारी ही हो ना...

स्नेहसिक्त स्वर में,

लय ताल के साथ

गीत गुनगुनाती हो

तुम नारी ही हो ना...

प्रेम से सींचकर,

सुंदर फूलों की

पौध उगाती हो

तुम नारी ही हो ना...

घर आंगन को,

अपनत्व के साथ

स्वर्ग बनाती हो

हां, तुम नारी ही हो...



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