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Piyosh Ggoel

Abstract

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Piyosh Ggoel

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श्री राम अंगना पधारे

श्री राम अंगना पधारे

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आज सारी अयोध्या में जगमग जगमग दीप जगे है

भगवान से मिलने के लिए भक्त आतुर खड़े है

पलकें बिछाए हर कोई श्री राम की राह निहार रहा है

आज हर किसी का मन केवल श्री राम को पुकार रहा है


वर्षों बाद आज अयोध्या में महका उपवन है

रघुवर के स्वागत में सजा हुआ पूरा गुलशन है

मुरझाए हुए पुष्प आज खिले दुबारा है

लगता है प्रकृति ने भी आज अपने प्रभु को पुकारा है


सुखी हुई नदियों में आज फिर पानी आया है

रूठा हुआ पपीहा , 14 वर्ष बाद चहचहाया है

हिरण - हिरणी क्रीड़ा कर रहे , आज मस्त जवानी में

लौटे है दशरथनन्दन 14 वर्षों बाद अपनी राजधानी मे


घर - घर के आंगन में आज रंगोली बनी है

दीपक की लड़ियों से अयोध्या आज सजी है

कई वर्षों के बाद अयोध्या में खुशियां वापस आ रही है

पूरी नगरी झूम रही है और खुशी के आंसू बहा रही है


तारे चमक रहे है , आ रहे है दशर्थसूत संग सुमित्रा के लाला

चांद भी बाट निहार रहा , आ रही है आज मिथिलाराज की बाला

भक्तशिरोमणि के आने से भक्ति फैलेगी चारो दिशाओ में

खुशियाँ ही खुशियाँ है आज अयोध्या की फिजाओं में


पुष्पक विमान से आ रहे , फूलो की वर्षा हो रही

अयोध्या वासी करे स्वागत , श्री राम की जय जयकार हो रही

माँ , कौशिल्या , माँ सुमित्रा और माँ कैकयी बड़े प्रेम से आरती उतारे

हो रहा स्वागत दशो दिशाओं में , श्री राम अपने अंगना पधारे


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