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Piyosh Ggoel

Abstract Inspirational

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Piyosh Ggoel

Abstract Inspirational

पेड़ो की बस्ती में चुनाव

पेड़ो की बस्ती में चुनाव

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पेड़ो की बस्ती में आज आनन्द सा छाया था

जिसका सबको इंतज़ार था वो दिन आया था

पेड़ो की बस्ती में चुननी थी सबको नई सरकार

आज फैसला करेंगे पेड़ कौन होगा उनका पालनहार


निम कहे पीपल से चुनाव में कौन कौन खड़ा है

हम भी देखे की कौन किसके आगे मजबूत हो अड़ा है

पीपल वृक्ष ने जामुन से उम्मीदवारों की सूची मंगवाई

वो सूची पढ़कर पीपल ने निम सहित अन्य पेड़ो को बताई


पीपल बोला प्यास बुझाने वाला पानी है पहला उम्मीदवार

कहता मुझसे ही सब जीवित रहते,मैं ही पेड़ो का आहार

फिर पीपल बोला हम सब की जड़े जिसमे दबी हुई है

इस बस्ती की मिट्टी भी इस बार चुनाव में खड़ी हुई है


तीसरे उम्मीदवार के पद पर सूरज की धूप मुस्काए

वो कहती है कि ये सभी पेड़ मुझसे ही जीवन पाए

पीपल बोला वेब सुनो मेरी बात तुम सब लगाकर ध्यान

लकड़ी से बनी कुल्हाड़ी का उम्मीदवारों में चौथा स्थान


सूची सुन सब पेड़ो में चर्चा हुई किसको वोट करेगा कौन?

हमारे जीवन की जरूरतों का ढंग से ख्याल रखेगा कौन?

किसी को धूप दिखी तो किसी ने नाम लिया मिट्टी या पानी

फिर कुछ लोगो ने गम्भीर होकर बोली यह वाणी


हम भी लकड़ी से बने हुए और कुल्हाड़ी भी लकड़ी से बनी हुई

हम लोगो के समाज की रक्षक बनकर चुनाव में बस वो ही तनी हूई

बाकी सब वोट मिलने के बाद अपने घर में जाकर बैठ जाएंगे

कुल्हाड़ी अपने लकड़ी समाज की इसलिए हम कुल्हाड़ी को विजयी बनाएंगे


बबूल का पेड़ बोला कि वोट लेने के बाद पानी भी बह जएगा

कोई हल निकलेगा नही, हम सब का दुख दर्द ऐसा ही रह जाएगा

केले का पेड़ बोला धूप भी दुश्मन है, अपने ताप से हमें जलाती है

वो धूप ही तो है जो हमारे प्यारे हरे-भरे पत्तों को तड़पाती है


ताड़ का पेड़ बोला पर कुल्हाड़ी हम सब की मारक है

हम लोगों को काटने में वो इंसानों की सहायक है

आप सब सोचो क्या कुल्हाड़ी को चुनना सही रहेगा?

क्या ऐसा करने से इतिहास हमे अपशब्द नही कहेगा?


जामुन का पेड़ बोला ज्यादा न सोचो ताड़ भैया, समाज का धर्म निभाओ

अपने समाज की कुल्हाड़ी को वोट करो और उसे हमारा पालनहार बनाओ

बरगद बोला कि तूफान आएगा तब मिट्टी भी हमे अपने से दूर भगाएगी

तो बताओ कैसे वो हम पेड़ो की सारी समस्याएं सुलझाएगी?


पीपल ने कहा निष्कर्ष यही है कि कुल्हाड़ी को विजयी बनाना है

इस चुनाव में हमे अपने समाज के प्रति अपना धर्म निभाना है

हम लोगो के दुश्मन है मिट्टी, धूप और ये पानी

इसलिए कुल्हाड़ी ही बनेगी हम सब की रानी 


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