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Rajesh Kumar Verma "mirdul"

Abstract

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Rajesh Kumar Verma "mirdul"

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महादेव पार्वती परमेश्वर..

महादेव पार्वती परमेश्वर..

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तू गिरीश्वर तू शिव कैलाशी,

तू मृत्युंजय जग अविनाशी।


        तू भुजंग भूषण तू विश्वेश्वर,

        तू पशुपतिनाथ त्रिलोकेश्वर।


तू रूद्रशिव शंकर सिंघेश्वर,

तू चन्द्रशेखर नीलकंठेश्वर।

        

        पार्वती के वर्षों प्रेम तप पर,

        हारे सर्व लोक के कामेश्वर।


तू काल भैरव तू अघोरेश्वर,

तू जटाधारी शिवा नागेश्वर।


        भूत बेताल को संग भूपतिश,

        अपने विवाह चले भूपतिश्वर।


फाल्गुन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी,

ब्याह रचाने चले शिव शंकर।


        तू हर हर महादेव कामेश्वर,

        तू महादेव पार्वती परमेश्वर।


शिवरात्रि में ब्याह रचा कर,

शंभू आप बने प्रभु बागेश्वर।

        

        मां पार्वती के बने परमेश्वर,

        शंभू कहलाए अर्धनारेश्वर।



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