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Rajesh Kumar Verma "mirdul"

Abstract Inspirational

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Rajesh Kumar Verma "mirdul"

Abstract Inspirational

मुझसे तुम प्रीत तो लगाओ!

मुझसे तुम प्रीत तो लगाओ!

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    मेरी एक अलख तू,

    मन से तो जलाओ।

    मन की ज्योति का तू,

    लग्न से दीप जलाओ।

    छटेंगे जीवन से तिमिर,

    दृढ़ता से कदम बढ़ाओ।

    लालसा है अगर पाने की,

    पग पग बढ़ते चले जाओ।

    मिलेगी कुछ विघ्न बाधाएं,

    उससे तू म मत घबराओ ।

    झुकने ना दूंगा जग में तुझे,

    मुझसे तू म प्रीत तो लगाओ।


              


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