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shaily Tripathi

Abstract

3  

shaily Tripathi

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हाय मोटापा

हाय मोटापा

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मोटापा था चढ़ गया, निकल गया था पेट 

अपनी सूरत स्वयं को लगती थी बेमेल 

लगती थी बेमेल, हुई थी ठोड़ी दोहरी 

सोच रहे थे भूल हो गयी हमसे थोड़ी 

भोजन कम कसरत अधिक करना है दिन रात 

सुगठित काया की तभी फिर होगी शुरुआत। 


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