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Manish kumar pandey

Abstract

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Manish kumar pandey

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भारत का जय जयगान होता है

भारत का जय जयगान होता है

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नभ में गुंजान होता है, विजय महान होता है,

वीरों की वीरता का भी, यहां सम्मान होता है।

नहीं मजहब नहीं कोई पंथ, का गुणगान होता है,

ये भारत भूमि है, यहां भारत का जय जयगान होता है।


यहां संविधान का विधान, दैदीप्यमान होता है,

विश्व गुरु के रूप में, ख्याति विद्यमान होता है।

वेद पुराण होता है, उपनिषदों की खान होता है,

ये भारत भूमि है, यहां भारत का जय जयगान होता है।


शहादत में इबादत है, मोहब्बत है, शराफत है,

हिंदुस्तान के कण-कण में, वीर जवान होता है।

अहिंसा धर्म सत्य कर्म, का परिधान होता है,

ये भारत भूमि है, यहां भारत का जय जयगान होता है।


उतारो मां भारती की आरती, सम्मान की खातिर,

इसकी मिट्टी के कण-कण का, यहां पे मान होता है।

यहां हर भारतीय इस रज के लिए, कुर्बान होता है,

ये भारत भूमि है, यहां भारत का जय जयगान होता है।



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