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Amit Bhatore

Drama

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Amit Bhatore

Drama

श्राद्ध

श्राद्ध

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करते हैं पूर्वजों की याद में

ताकि बनी रहे चिर स्मृतियां

हमारे न रहने के बाद भी,


संस्कृति के संवाहक बनकर

करते हैं हम श्राद्ध हर साल

लोग कहते हैं जीते जी भी


ले सकते हैं सुध बुजुर्गों की

जी हां, हमारी परंपरा में शामिल है

बुजुर्गों के आशीर्वाद के बिन


नहीं हो पाता कोई कार्य,

इसीलिए हम करते हैं हर वर्ष श्राद्ध

सुखद है कि भविष्य में हमारे लिए भी

आने वाली पीढ़ी निभाती है यह परंपरा।


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