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Chandan Kumar

Tragedy

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Chandan Kumar

Tragedy

शौर्य के साये में पहलगाम

शौर्य के साये में पहलगाम

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🎉"शौर्य के साये में पहलगाम"🤘

पहलगाम की वादियाँ चीख़ उठीं,
चाँदनी भी सहम गई उस रात।
फूलों की घाटी में बारूद की बू,
इंसानियत पर फिर से पड़ा आघात।

छल से भरे थे जिनके इरादे,
कायरता की ओढ़े चादर।
निहत्थों पर चलाए जो वार,
वो कैसे कहाए बंदूक़धर?

माँ की गोद हुई सूनी फिर,
आँखों से बहे लहू के मोती।
पर मिटा नहीं सके वो साहस,
हर दिल में जलती है कोई ज्योति।

शहीदों की कुर्बानी ना बेकार जाएगी,
हर आँसू का हिसाब होगा।
ये ज़मीन चुप नहीं रहेगी,
इन्हें हर हाल जवाब होगा।

तूफ़ानों से डरते नहीं हैं हम,
हर ज़ख़्म में है इक मशाल।
पहलगाम की मिट्टी कसम खाए,
अब न झुकेगा हिंदुस्तान।


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