STORYMIRROR

Siddhi Diwakar Bajpai

Drama Others

2  

Siddhi Diwakar Bajpai

Drama Others

शायरी

शायरी

1 min
78

हुजूम ने निकाला, नए लोग भी मिले फिर

पतझड़ कभी जो आया, सावन में हम खिले फिर

मंज़र ने कोशिशें कि, न रौशनी मिले फिर 

पर आँधियाँ भी हारी, चिराग ही जले फिर



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama