STORYMIRROR

Siddhi Diwakar Bajpai

Fantasy Inspirational Others

4  

Siddhi Diwakar Bajpai

Fantasy Inspirational Others

महिला सशक्तिकरण

महिला सशक्तिकरण

1 min
16


अंतरिक्ष पर मैं जाऊं,

दुनिया तुम्हें दिखाऊं,

चरखा चलाए दादी....

मामा को भी बताऊं।।


कमजोर ना समझना,

मुझको नहीं परखना,

जबरन नहीं खुशी है....

साड़ी में यूं लिपटना।।


 दुर्गा भी हूं काली भी,

सूरज की मैं लाली भी,

अपना हो या पराया....

परिवार का माली भी।।


जिस क्षेत्र में मैं जाऊं,

 जीत के ही आऊं,

रखूं मैं सोच ऐसी....

रचना नई बनाऊं।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy