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Gurminder Chawla

Abstract Drama tragedy

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Gurminder Chawla

Abstract Drama tragedy

शाप

शाप

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हे भगवान तू भी एक बाप होता

तेरी पथराई आंखों को भी

होता बेटे का इन्तज़ार,


अपने जवाँ बेटे की अर्थी उठाने का

तुझको भी मिला एक शाप होता


पुरी दुनिया का बोझ उठाने वाले,

तेरे मजबूत कंधे भी उस फूल को

उठाने से पहले ही काँप जाते

क्यो रची ऐसी सृष्टि तूने,


जिसमें बिना जंग के ही

अभागे जिंदगी हार जाते।


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