STORYMIRROR

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Tragedy Thriller

4  

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Tragedy Thriller

शांति की खोज

शांति की खोज

1 min
14

शांति ढूंढने निकला हूं मैं,

शांति बाज़ार में कहीं मिलती नहीं,

हर जगह बाजार में पुछ रहा हूं,

बेचैनी खरीदनेवाले कोई नहीं।


शांति सदन में रहता हूं मैं,

सदन में शांति दिखती नहीं,

परिवारजनों को समझा रहा हूं मैं,

शांत रहने के लिए कोई तैयार नहीं।


शांति के साथ प्यार किया है मैंने,

स्वभाव उसका शांत है ही नहीं,

उसकी आदतों से तंग आ गया हूं मैं,

आदतें उसकी कभी सुधरती नहीं।


शांति के लिये मंदिर आया हूं मैं,

मूर्ति भी शांत नजर आती नहीं,

मूर्ति में से आवाज आई "मुरली",

तेरी रोती हुई सूरत मुझे पसंद नहीं।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy