सच्ची राजशाही !!!
सच्ची राजशाही !!!
राजा प्रहरी के हैं आभारी,
क्योंकि,
प्रहरी उठाए,
सारे महल की जिम्मेदारी,
चूक ना एक भी होने पाए,
इसकी हिदायत,
पहले से ही दे डाली,
राजा ने,
तत्काल प्रभाव से,
एक आपातकालीन बैठक,
राजशाही में अपनी,
बुला डाली,
बैठक का था,
एक ही मुद्दा,
प्रजा में ना हो
,गुत्थम - गुत्था,
सबको मास्क लगाना है,
अनिवार्य,
इस पर घनघोर चिंतनीय,
चर्चा कर डाली,
गैर इजाजत कोई ना,
महल में, आए,
ना ही किसी के घर बैठने,
और जाने का विचार ही,
करने पाऐ,
जीवन बड़ा है,
अनमोल,
मास्क अपनाये,
और ना ही कहीं भी,
भिड - भाड मे जाये,
और ना आफत,
शिरोथार्य कर पाये,
यह सूचना आम,
और खास तक,
पहुचायी जाये,
जनता धरे बस खुद,
का ही ध्यान
और ना ही किसी को,
घर अपने बुलाए,
खाने पीने के लिए,
प्रजा ना हो परेशान,
राजशाही परिवार धरेगा,
पग - पग आपका ध्यान,
जो निभाएगा जिम्मेदारी,
वह अगले ही सत्र में,
बन जाएगा,
राजदरबारी,
तुरंत घोषणा यह करवाएं,
नियम अपनाओ,
और रक्षा कवच
अपने आसपास बनाओ,
बहस बड़ी गंभीर है,
न मुद्दा चिंतनीय बनाओ,
तत्काल प्रभाव से,
राजशाही द्वारा,
फरमान एक,
जारी करवाओ,
बनाया गया हर,
नियम अपनाओ,
और कीमती,
जान बचाओ,
स्वस्थ रहो और
कहीं बाहर ना जाओ,
शहर में मुनादी,
यह करवाओ।
