Phool Singh
Crime Thriller Others
सच्चा मोती ढूँढे न, मिलता
जीवन जिंगुर की तरह टिमटिमाता हो
हठीलापन ज्यादा दिन न चलता
जल्द ही हकीकत से फिर सामना हो।
स्वयं विसर्जित कर दंभ को
जब अमृत का कुम्भ सामने हो
धरा फोड़ जैसे अंकुर निकलता
व्यक्तित्त्व ज्ञान से निखरता हो।
होली है
भीड़ अर्थात ल...
मेरे पुरूषोत्...
राम श्री राम
रामलला घर आएं
वर्तमान में स...
मजदूर
सत्य पथ
आस्था
गणतंत्र दिवस ...
दुनिया तेजी से कॉरपोरेट खिलाफत बनती जा रही है। दुनिया तेजी से कॉरपोरेट खिलाफत बनती जा रही है।
शायद इन्हें समझ तभी पड़ेगा ज़ब वंश इनका आगे ना बढ़ेगा। शायद इन्हें समझ तभी पड़ेगा ज़ब वंश इनका आगे ना बढ़ेगा।
अपराध मुक्त भारत के लिए इन्हें अपने घर में बैठाना होगा। अपराध मुक्त भारत के लिए इन्हें अपने घर में बैठाना होगा।
इंसानियत का इंसानियत से भरोसा उठ गया रोज़ रोज़ लड़ती है और हार जाती है जिंदगी। इंसानियत का इंसानियत से भरोसा उठ गया रोज़ रोज़ लड़ती है और हार जाती है ...
उन गलियों से गुजरना जहाँ मुस्कान ने उन्हें कभी अपना माना ना उन गलियों से गुजरना जहाँ मुस्कान ने उन्हें कभी अपना माना ना
फिर फैलेगी तुम्हारी पुष्ट शाखाएँ फिर होगा तुममें स्फूर्ति का संचार फिर फैलेगी तुम्हारी पुष्ट शाखाएँ फिर होगा तुममें स्फूर्ति का संचार
किसके दम पर दबंगई करता है। किसके दम पर दबंगई करता है।
कितने बेपरवाह हो गए ! क्या थे कल हम आज क्या हो गए ! कितने बेपरवाह हो गए ! क्या थे कल हम आज क्या हो गए !
नैतिकता का भारी ओढ़ लबादा नेतागण गलत शासन चला रहे हैं। नैतिकता का भारी ओढ़ लबादा नेतागण गलत शासन चला रहे हैं।
ज्ञान चक्षु खोल के पराई केंद्र आग में तपे सोना कुंदन बन जग झोली भरे गैर ! ज्ञान चक्षु खोल के पराई केंद्र आग में तपे सोना कुंदन बन जग झोली भरे...
तेरी बहन तेरे सामने आने से डरेगी, घर क बाहर शैतानों से लड़ती थी, अब घर के अंदर पल रहे तेरी बहन तेरे सामने आने से डरेगी, घर क बाहर शैतानों से लड़ती थी, अब घर के अ...
उसके चेहरे पर गिरे वो तेज़ाब के बुलबुले थे, किस हद तक तड़पी होगी उसके चेहरे पर गिरे वो तेज़ाब के बुलबुले थे, किस हद तक तड़पी होगी
यूं तो हर रोज थी मगर उस दिन लगा सच में मैं थी एक गंदी गाली यूं तो हर रोज थी मगर उस दिन लगा सच में मैं थी एक गंदी गाली
दहेज लोभी संसार में, दहेज की भेंट चढ़ी थी, न्याय यहां मिलेगा नहीं, सो ईश्वर के दरबार ग दहेज लोभी संसार में, दहेज की भेंट चढ़ी थी, न्याय यहां मिलेगा नहीं, सो ईश्वर क...
इसलिए वो यह सब करता है वो ये सब कर सकता है। क्योंकि वो पुरुष है। इसलिए वो यह सब करता है वो ये सब कर सकता है। क्योंकि वो पुरुष है।
'चिंता के कारण बुढ़िया ने मरते समय लिया था नाम, बचा लो उसको कहने वाली थी वो तब तक मिला अंजाम।' न्याय ... 'चिंता के कारण बुढ़िया ने मरते समय लिया था नाम, बचा लो उसको कहने वाली थी वो तब तक...
ख़राबी बस यही हर मुल्क के नक़्शे में रहती है। ख़राबी बस यही हर मुल्क के नक़्शे में रहती है।
मानती हूँ कि तुम मेरे जीवन में आती तो खुशियों से भर देती मेरा जीवन, मेरे आँचल में पूरे विश्व को स... मानती हूँ कि तुम मेरे जीवन में आती तो खुशियों से भर देती मेरा जीवन, मेरे आँचल...
मेरे तन पर वस्त्र नहीं, या है पूरा समाज अर्धनग्न ! मेरे तन पर वस्त्र नहीं, या है पूरा समाज अर्धनग्न !
न्यायालय को दाग लगाने वाले जब तक जिंदा हैं तब तक हम हाथों में ज्वाला लेकर भी शर्मिंदा न्यायालय को दाग लगाने वाले जब तक जिंदा हैं तब तक हम हाथों में ज्वाला लेकर...