Phool Singh
Crime Thriller Others
सच्चा मोती ढूँढे न, मिलता
जीवन जिंगुर की तरह टिमटिमाता हो
हठीलापन ज्यादा दिन न चलता
जल्द ही हकीकत से फिर सामना हो।
स्वयं विसर्जित कर दंभ को
जब अमृत का कुम्भ सामने हो
धरा फोड़ जैसे अंकुर निकलता
व्यक्तित्त्व ज्ञान से निखरता हो।
होली है
भीड़ अर्थात ल...
मेरे पुरूषोत्...
राम श्री राम
रामलला घर आएं
वर्तमान में स...
मजदूर
सत्य पथ
आस्था
गणतंत्र दिवस ...
हालात इतने बिगड़े कि गुम होश हो गए। आँखों में फिर हसीन वो सपना नहीं रहा। हालात इतने बिगड़े कि गुम होश हो गए। आँखों में फिर हसीन वो सपना नहीं रहा।
धीरे-धीरे ही सही फैला रहे अनवरत स्वार्थ का साम्राज्य। धीरे-धीरे ही सही फैला रहे अनवरत स्वार्थ का साम्राज्य।
खाकी वर्दी तेरी मनमर्जी ढाती जुर्म हजार है ए कैसा अत्याचार है ए कैसा भ्रष्टाचार है ! खाकी वर्दी तेरी मनमर्जी ढाती जुर्म हजार है ए कैसा अत्याचार है ए कैसा भ्रष्टाचार ...
उन लड़कों का बहकना अब नज़र नहीं आ रहा उन लड़कों का बहकना अब नज़र नहीं आ रहा
देना नहीं कुछ इनको बस एक तरफा लेना सपनों के ये मधुर तिनके है। देना नहीं कुछ इनको बस एक तरफा लेना सपनों के ये मधुर तिनके है।
बेचकर तेजाब को सरेबाजार, इनसे ही अपनी जेबें भरते हैं। बेचकर तेजाब को सरेबाजार, इनसे ही अपनी जेबें भरते हैं।
तब मन से डर निकलेगा और स्वतंत्र और निर्भय हो कर वो घूमेंगी। तब मन से डर निकलेगा और स्वतंत्र और निर्भय हो कर वो घूमेंगी।
क्यूँ एक बेजान सा, खिलौना बना दिया उनने, बहुत डरावना ना था सब। क्यूँ एक बेजान सा, खिलौना बना दिया उनने, बहुत डरावना ना था सब।
है कहानी अधूरी मेरे प्यार की याद में रोज़ आज़म जला ख़्वाब में। है कहानी अधूरी मेरे प्यार की याद में रोज़ आज़म जला ख़्वाब में।
बेबसी में बहुत जी लिया, इस तरह से कहाँ तक चले! बेबसी में बहुत जी लिया, इस तरह से कहाँ तक चले!
अजीब झंझावात है चार जून की बात है।। अजीब झंझावात है चार जून की बात है।।
सचमुच राजा वसंत,वर्षा ऋतुओं की रानी कह गए कबीर अपनी जुबानी ! सचमुच राजा वसंत,वर्षा ऋतुओं की रानी कह गए कबीर अपनी जुबानी !
दरिन्दगी भर गयी है खून में हैवान कर रहे अत्याचार... दरिन्दगी भर गयी है खून में हैवान कर रहे अत्याचार...
राजनीति की पिच पर न्याय कि गिल्ली उड़ाओ। राजनीति की पिच पर न्याय कि गिल्ली उड़ाओ।
है दुआ रब से हो सलामत सब चल रहा है बुखार का मौसम है दुआ रब से हो सलामत सब चल रहा है बुखार का मौसम
अगर फिर आई लड़की के रूप में परी तो हर बार दूंगा मैं ऐसे ही बलि। अगर फिर आई लड़की के रूप में परी तो हर बार दूंगा मैं ऐसे ही बलि।
लाखों का धन है तो भी, क्यों आज भिखारी बन बैठे। लाखों का धन है तो भी, क्यों आज भिखारी बन बैठे।
आप बड़ी प्लानिंग कर लीजिये सफलता नहीं मिलती हर बार। आप बड़ी प्लानिंग कर लीजिये सफलता नहीं मिलती हर बार।
बिल्कुल थी गुलाब की तरह नाजुक और प्यारी। बिल्कुल थी गुलाब की तरह नाजुक और प्यारी।
सब कोई कहता खुद को सयाने मगर विश्व खड़ा दिखता युद्ध के मुहाने।। सब कोई कहता खुद को सयाने मगर विश्व खड़ा दिखता युद्ध के मुहाने।।