सबसे करीब।
सबसे करीब।
इंसान एक समाज में रहता,
कुछ लोग,
आपके करीब होते,
कुछ आपके विरोध में होते।
जो आपके करीब होते,
वो आपके दोस्त कहलाते,
उनका साथ,
आप हमेशा पसंद करते,
उनकी पसंद,
और आपकी पसंद,
मिलती जुलती होती।
आप इकट्ठे घूमते फिरते,
इकट्ठे आते जाते,
इकट्ठे ही शरारतें करते।
जब मुसीबत आती,
तो सबसे पहले,
दोस्त ही,
आपके साथ खड़े होते।
अगर कोई,
सबसे अच्छा सलाहकार चाहिए,
तो दोस्त से,
अच्छा नहीं हो सकता।
वो आपके सामने,
हर मुद्दे के,
गुण दोष बताने से,
नहीं हिचकिचाएगा।
वो आपकी आलोचना,
पीठ के पीछे नहीं करेगा,
सही समय पर,
आपका प्रोत्साहन भी,
वहीं करेगा।
मुझे लगता,
इंसान सबसे अधिक सुरक्षित,
दोस्तों में,
महसूस करता।
मैं तो सोचता हूं,
अगर दोस्त न होता,
तो हम,
जीवन में,
अलग थलग पड़ जाते,
बहुत संदेह में रहते,
हर काम करने से घबराते,
कोई जोखिम नहीं उठाते,
बस लकीर के,
फकीर बने रहते।
कुछ भी,
जीवन में नहीं कर पाते।
