STORYMIRROR

Kishan Negi

Romance Fantasy Thriller

4  

Kishan Negi

Romance Fantasy Thriller

सब कुछ तो अर्पण कर दिया है

सब कुछ तो अर्पण कर दिया है

1 min
420

सब कुछ तो अर्पण कर दिया है 

हमारे अनाम प्यार के नाम 

ख्यालों में तुम, अहसासों में तुम 

साँसों में तुम, धड़कनों में तुम 

जिधर नज़र दौड़ाऊँ, सिर्फ़ तुम ही तुम 

मेरी हर सांस में, तेरी ही गंध है

रूह को झिंझोड़कर

इश्क़ की सुबह हो या शाम

पढ़ती है तेरा ही पैगाम 

आँखों के समंदर को निचोड़कर 

हर लहर तेरे किनारों को सौंप दी है 

चाहतों की सुबह तुझसे होती है

उम्मीदों का सफ़र तुझ पर ख़त्म होता है 

तेरी छत से निकले आशिकाना बादल 

दिल की मुंडेर पर मंडरा रहे हैं

अक्सर ये ख़्याल उभरता है कि 

तुम सिर्फ़ मेरे हो, किसी गैर के नहीं 

फिर अगले ही पल सोचती हूँ कि 

अगर मेरे होते तो मेरे पास होते, कहीं और नहीं 

कोरे ख़्याल भी कैसे ख़्वाब दिखलाते हैं 

कहीं बसंत में मोहब्बतों की उड़ान हो तुम 

कहीं सावन में आसमां को चूमते इश्क़ के झूले तुम 

इधर हर कशिश बदलती है करवट तेरे इंतज़ार में 

फिर गुनगुनाती है, बस इक बार चले आओ


 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance