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Ramashankar Yadav

Romance Tragedy

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Ramashankar Yadav

Romance Tragedy

सब खत्म हो गया

सब खत्म हो गया

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इतने बरसों से जिसको सजाते रहे

हम दिलों जान जिसपे लुटाते रहे

ए अचानक से कैसा सितम हो गया


सब खत्म हो गया सब खत्म हो गया

सब खत्म हो गया सब खत्म हो गया


है वही राह चलते थे जिनपे सदा

रोशनी अब चरागों की दिखती नही

आँखें बरसा करें बनके सावन सदा


कोई बूँदें पलक पर ठहरती नहीं

वो खुशी जिसको नाजों से पाला सदा

वो खुशी जिसको नाजों से पाला सदा

वो ही गम गया सब खत्म हो गया

सब खत्म हो गया सब खत्म हो गया


अब न जुल्फों को उनकी संवारेंगे हम

हर घड़ी अब ना रस्ता निहारेंगे हम

बस गये हैं नये उनके दोनों जहां


अब ना ख्वाबों उनको सताएँगे हम

जिनके हाथों में दिल को सजाके दिए

जिनके हाथों में दिल को सजाके दिए


जाने क्यूँ कैसे वो बेरहम हो गया

सब खत्म हो गया सब खत्म हो गया

सब खत्म हो गया सब खत्म हो गया


जाने दिल में दबे कितने अरमान हैं

हम समझते थे हम भी तेरी जान हैं

तोड़ा दिल को मेरे और रुलाया बहुत


तेरी चाहत में फिर भी परेशान हैं

दर्द ऐसा जिया को रुलाता है अब

दर्द ऐसा जिया को रुलाता है अब


एक पल में लगे सौ जन्म हो गया

सब खत्म हो गया सब खत्म हो गया

सब खत्म हो गया सब खत्म हो गया।


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