STORYMIRROR

Ramashankar Yadav

Romance Tragedy Classics

3  

Ramashankar Yadav

Romance Tragedy Classics

दोस्ती

दोस्ती

1 min
337

शुक्र है शराब और दोस्ती का दोस्तों

हमसफर तो यहाँ मंजिलों में खो गए।


खुशियाँ तो हर कदम बेवफा है यहाँ

मेहरबाँ गम यहाँ कि हमसफर हो गए।


जिंदगी हर कदम पे आजमाइश यहाँ

दो कदम थे मुहाल पर कहाँ आ गए।


जख्म मिले हैं उन्हीं से संजोये जिन्हे

तुम तो जख्मों पे मरहम लगाने आ गए

ऐसे मौके भी थे बस लगा सब खतम

तुम कमिने ही थे मन को बहला गए।


मैं तो रोता रहा पर तुम साले हँसते रहे

हँसते हँसते ही मुझे भी हँसा के गए।

होती है दोस्ती क्या तुमसे सीखा यहाँ

तुम जरुरत हो मेरी ये सिखा के गए।


तुम हो मेरी तरह मुझे भी जरुरी बहुत 

मुझसे कहा भी नहीं, और बता के गए।


जब भी कोई नहीं साथ होता है मेरे 

तुम हमेशा ही रहोगे ये जता के गए।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance