STORYMIRROR

Ramashankar Yadav

Romance Fantasy

3  

Ramashankar Yadav

Romance Fantasy

मेरी मुहब्बत

मेरी मुहब्बत

1 min
207

मेरी मुहब्बत के असर से तुम हंसी हो गई हो

मैं भटका था मुसाफिर मुझमें तुम खो गई हो


तेरी महकी महकी गेसू तेरी आंखों में काजल

शबनमी तेरे लब हैं छाऊँ इन पे बन के बादल

हुस्न तेरा सब है मेरा तुम मेरी हो गई हो

मेरी मुहब्बत के असर से तुम हंसी हो गई हो


तेरा यौवन तेरी खुशबु इन पे हक है सिर्फ मेरा

तू मेरी है तन से मन से हो गया हूँ मैं भी तेरा

मैं सजीला मस्तमौला मुझमें तुम रंग गई हो

मेरी मुहब्बत के असर से तुम हंसी हो गई हो

मैं भटका था मुसाफिर मुझमें तुम खो गई हो



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance