सावधान ! सावधान !
सावधान ! सावधान !
इस अत्याधुनिक समाज में
तुष्टीकरण की राजनीति बंद हो !
अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए
लगाए गए झूठे आरोप-प्रत्यारोप का
सिलसिला खत्म हो...
सांगठनिक उन्नति एवं विकास के मद्देनज़र नकारात्मक सोचवाले गुटबाजों से
हमेशा के लिए
किनारा किया जाए,
वरना...
आनेवाले समय में
सकारात्मक सोचवाले ईमानदार लोगों को
कई सारी बनावटी मुश्किलों से
व्यर्थ ही जूझते रहना पड़ेगा...
और राष्ट्रनिर्माण के स्वर्णिम स्वप्नों पर
पतन की काली छाया पड़ जाएगी...
सावधान ! सावधान !
