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अच्युतं केशवं

Drama

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अच्युतं केशवं

Drama

रसना षट् रस छांड़ि

रसना षट् रस छांड़ि

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रसना षट् रस छांड़ि दे,

मधु रस में रति राखि।


मधुर नाम श्री कृष्ण का,

रसना फिर फिर चाखि।


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