अच्युतं केशवं
Inspirational
एक रहो एका रखो, सब बैठे इक नाव
हल हों सारी मुश्किलें, उर सहयोगी भाव
मन आस तारा
सहज तुमने अपन...
कल लुटेरे थे ...
धूम्रपान कर ब...
छिपा हृदय निज...
उर सहयोगी भाव
भट्टी सी धरती...
अलग हो रूप रं...
आला वाले डॉक्...
भारोत्तोलन खे...
देवालय में बैठा बैठा मैं मन में करता ध्यान। शुभ दिन आया मैं करूँ दीप कौन सा दान। देवालय में बैठा बैठा मैं मन में करता ध्यान। शुभ दिन आया मैं करूँ दीप कौन सा द...
सफलता की एक ऐसी कहानी ये, जिसने बदला नज़रिया। सफलता की एक ऐसी कहानी ये, जिसने बदला नज़रिया।
अमर रहेगी गोरा बादल की कहानी बोल रही मिट्टी राजस्थानी अमर रहेगी गोरा बादल की कहानी बोल रही मिट्टी राजस्थानी
किस्मत से मिलते, प्यार से खिलते, रिश्ते प्यार भरे। किस्मत से मिलते, प्यार से खिलते, रिश्ते प्यार भरे।
इंद्रधनुष देखकर मेरे मन में सदा, एक ही ख्याल आता है! इंद्रधनुष देखकर मेरे मन में सदा, एक ही ख्याल आता है!
पुकार ले कोई जो पीछे से, तो रुक जाएं ये कदम. पुकार ले कोई जो पीछे से, तो रुक जाएं ये कदम.
मृत्यु पर विजय है वही पा सका जो परहितार्थ उत्सर्ग कर सका। मृत्यु पर विजय है वही पा सका जो परहितार्थ उत्सर्ग कर सका।
बिजली इंसान की ऐसी ज़रूरत जिसके बिना रहना है मुश्किल। बिजली इंसान की ऐसी ज़रूरत जिसके बिना रहना है मुश्किल।
उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ही तो मेरी जागीर है।.... उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ह...
मन से पूछो मूल्य कभी क्या, आजादी का जाना है॥ मन से पूछो मूल्य कभी क्या, आजादी का जाना है॥
प्रेम की अमिट शक्ति जगाती, मन की दुनिया को सजाती। प्रेम की अमिट शक्ति जगाती, मन की दुनिया को सजाती।
आओ... नेत्रदान का संकल्प लें। आओ... नेत्रदान का संकल्प लें।
हिम मुकुट शुभ शीश राजे सिंधु पग में झूमता । पोषता जो इस धरा को मेघ नभ में घूमता। हिम मुकुट शुभ शीश राजे सिंधु पग में झूमता । पोषता जो इस धरा को मेघ नभ में घूम...
योग दिवस को मनाने का सबका सपना हो साकार। योग दिवस को मनाने का सबका सपना हो साकार।
सकल जगत यह रंगमंच है हम सब हैं अभिनेता, अवधि पल आने-जाने के प्रभु नियत कर देता। सकल जगत यह रंगमंच है हम सब हैं अभिनेता, अवधि पल आने-जाने के प्रभु नियत कर देत...
अहिल्याबाई का सुदृढ़ व्यक्तित्व, उनकी जीवन गाथा। अहिल्याबाई का सुदृढ़ व्यक्तित्व, उनकी जीवन गाथा।
बैर और नफरत की दीवार को, मिलकर मिटटी में मिलाते हैं चलो इस जनवरी, जन जन को जगाते हैं. बैर और नफरत की दीवार को, मिलकर मिटटी में मिलाते हैं चलो इस जनवरी, जन जन को...
ये सूना पड़ा हुआ घर, घर का खाली पड़ा अहाता। ये सूना पड़ा हुआ घर, घर का खाली पड़ा अहाता।
ना तुम्हारी सत्ता का अधिकार मुझको चाहिए ना ही धन और स्वर्ण का भंडार मुझको चाहिए। ना तुम्हारी सत्ता का अधिकार मुझको चाहिए ना ही धन और स्वर्ण का भंडार मुझको चा...
चलते-चलते तेरे कदमों का रुक जाना चलते-चलते तेरा यूँ लड़खड़ाना। चलते-चलते तेरे कदमों का रुक जाना चलते-चलते तेरा यूँ लड़खड़ाना।