रंग पर्व मनाएंगे
रंग पर्व मनाएंगे
रंग-बिरंगे फूलों से हम
रंग पर्व मनाएंगे
भुला के सारे शिकवे-गिले
सबको गले लगाएंगे
प्रीत के रंग से अबकी हम
रंग पर्व मनाएंगे।
रंगों का है ये दिन सुहाना
खुशियां खूब मनाएंगे
मिटा के सारे राग-द्वेष
दिल से दिल मिलाएंगे
रंग बिरंगे फूलों से हम
रंग पर्व मनाएंगे।
होलिका में अपने
अवगुण सभी जलाएंगे
लेते हैं संकल्प आज हम
हुड़दंग नहीं मचाएंगे
रंगों का है ये पर्व सुहाना
प्रेम रंग बरसाएंगे
रंग- बिरंगे फूलों से हम
रंग पर्व मनाएंगे।
