Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Anita Purohit

Classics

4.8  

Anita Purohit

Classics

“रंग दो प्यार के”

“रंग दो प्यार के”

1 min
332


बसंत लाया बहार 

तुम लायी हो रंग 

होली रंग दो सबको 

एक रंग में प्यार के 


बिसरा दो कड़वे लम्हे 

बस मीठी यादें दो तुम 

मैं-तुम, तुम-मैं भूलें

बस याद रहे इक हम 


रंग दो ऐसे रंगों में 

मिलकर हो जाएँ एक रंग 

ना पहचाने कौन सा रंग था 

ना अलग उसे कर पाएँ


ख़ुशियों की बौछारें मारो 

भिगो दो सबके तन-मन 

रंग लायी हो तो रंग दो 

सबको एक रंग में प्यार के


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics