STORYMIRROR

Rashmi Lata Mishra

Drama

3  

Rashmi Lata Mishra

Drama

रजनी

रजनी

1 min
424

रजनी भला हो तेरा

तू आ गई

कम से कम दो पल

सोने का सुकून तो मिलेगा।


थक गई हूं मैं

सुबह से ढोते-ढोते-

जिम्मेदारियों का बोझ

कार्यों का दबाव

झमेले दुनियादारी के

उलझनें उलाहनों की।


चल चंद प्रहरों का सही

आराम तू दिला गई

रजनी भला.... 


तू कल भी जल्दी आना

मुझे मेरे उलझे हुए घेरों से

बाहर निकलवाना

शुक्र है जिंदगी की

चंद घड़ियाँ तुझमें हैं 

समा गईं। 


रजनी भला हो तेरा

तू आ गई।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama