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Rashmi Lata Mishra

Others

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Rashmi Lata Mishra

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वासन्ती चादर

वासन्ती चादर

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200

खेतो में फैली वासंती चादर

गांवो में वासंती खुमार है।

टेशू की लालिमा तरु है ढाँके

बागों में बौरन बहार है।

आम के बौर पे कोयलिया बौराई

कूके कुहू आम्बुआ की डार है।

फगुआ के रंग सभी है रंगे,

घर-घर फाग बहार है।

बलि-बलि जाऊँ ऐसी ऋतु पे

कहते बसन्त बाहर है।


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