STORYMIRROR

Anshu sharma

Drama

3  

Anshu sharma

Drama

रिश्तों को विराम दें

रिश्तों को विराम दें

1 min
320


जब तुम से आँखे चुराने लगे

 जब मिलने से कतरा ने लगे

 ऐसे रिश्तो को विराम दें ...।


कमियांँ कई गिनाने लगे 

अपने में इतराने लगे 

तब रिश्तो को विराम दें ....।


चाहे कोई खास हो

 उसको मिलने की ना आस हो 

तब रिश्तो को विराम दें..।

 

जरूरत पर मुस्कुराने लगे

 पल में दोस्त बनाने लगे 

तब रिश्तो को विराम दें..।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama